DA Hike January 2026: देश भर के केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी पिछले काफी समय से 8वें वेतन आयोग की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। उनकी सबसे प्रमुख अपेक्षा थी कि इस बार महंगाई भत्ता यानी DA और महंगाई राहत DR को मूल वेतन में शामिल किया जाएगा। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों का अनुमान था।
कि लगभग 60 फीसदी DA-DR को बेसिक सैलरी में जोड़ा जा सकता है।केंद्र सरकार हर साल दो बार – जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते की समीक्षा करती है। जुलाई 2025 में सरकार ने डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद यह बढ़कर 46 प्रतिशत हो गया था। अब जनवरी 2026 की समीक्षा को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में खासा उत्साह है।
8वें वेतन आयोग का कार्यक्षेत्र क्या होगा
इस मर्जर से न केवल वेतन संरचना मजबूत होती बल्कि अन्य भत्तों की गणना भी बढ़ जाती। कर्मचारियों का मानना था कि यह कदम उनकी आर्थिक स्थिति को स्थायी रूप से सुधार सकता है। पेंशनरों के लिए तो यह और भी महत्वपूर्ण था क्योंकि उनकी पेंशन पूरी तरह से मूल वेतन पर आधारित होती है।
महंगाई भत्ता वह भत्ता है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती जीवन-यापन लागत से राहत देने के लिए दिया जाता है। इसका निर्धारण ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर किया जाता है, जो देश में महंगाई के वास्तविक स्तर को दर्शाता है। यही कारण है कि डीए में हर बढ़ोतरी सीधे महंगाई से जुड़ी होती है।
सरकार के अनुसार 8वें वेतन आयोग का मुख्य काम केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन संरचना की समीक्षा करना है। इसके दायरे में कई वर्ग शामिल किए गए हैं, ताकि सभी संबंधित कर्मचारियों को समान रूप से लाभ मिल सके।कर्मचारियों की मांग का कारण: वर्तमान में लागू नई पेंशन योजना (New Pension Scheme – NPS) में, रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है और इसकी कोई निश्चितता नहीं होती।
OPS का लाभ: OPS में, कर्मचारियों को पूरे जीवन भर के लिए एक निश्चित और सुरक्षित मासिक आय की गारंटी मिलती है , जो उनकी आर्थिक सुरक्षा बनाए रखती है और उन्हें सुखी जीवन यापन करने में मदद करती है।संगठनों का प्रयास: कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन प्रणाली को वापस लागू करने या उसमें सुधार करने की मांग पर जोर दे रहे हैं, ताकि सभी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक मदद मिल सके।